Why don't motor insurance companies cover non-accidental damage? मोटर इंश्योरेंस कंपनियां नॉन-एक्सीडेंटल डैमेज को क्यों कवर नहीं करतीं ?
मोटर इंश्योरेंस कंपनियां नॉन-एक्सीडेंटल डैमेज को क्यों कवर नहीं करतीं ? Why don't motor insurance companies cover non-accidental damage?
कार खरीदना आसान है, लेकिन किसी दुर्घटना के कारण हुए नुकसान पर होने वाला खर्च आपके लिए मुसीबत पैदा करता है. आप खर्च से बचने यानी फाइनेंशियल कवरेज के लिए कार इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदकर निश्चिंत हो जाते हैं. हालांकि, कुछ ऐसे डैमेज या कॉन्सिक्वेंशियल लॉस हैं, जिनकी भरपाई अधिकतर इंश्योरेंस कंपनियां नहीं करतीं हैं. टूट-फूट, मैकेनिकल या बिजली की खराबी जैसे कोई भी नॉन-एक्सीडेंटल डैमेज को आपकी मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी कवर नहीं करती है. इसी प्रकार, शराब या कोई अन्य नशीले पदार्थ का सेवन करके कार चलाने के बाद कोई आकस्मिक नुकसान का कवर नहीं होता है.
कार इंश्योरेंस पॉलिसी लेने के बाद आप मान लेते हैं कि एक्सीडेंट की स्थिति में आप अप्रत्याशित खर्च से पूरी तरह सुरक्षित हैं जबकि यह पूरी तरह सही नहीं है. हममें से अधिकतर लोग मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी की उन बातों को जानना भूल जाते हैं, जो कुछ खास स्थितियों में कवर प्रदान नहीं करती हैं. हालांकि, ये इंश्योरेंस कंपनी पहले से निर्धारित करती हैं. यहां तक कि पॉलिसी डॉक्यूमेंट में इसका स्पष्ट उल्लेख होता है, लेकिन बारीक प्रिंट होने के कारण अक्सर इस पर ध्यान नहीं जाता.
इसलिए नहीं मिलता लाभ - That's why you don't get the benefit.
प्रोबस इंश्योरेंस ब्रोकर के डायरेक्टर राकेश गोयल कहते हैं कि ऐसे नॉन-एक्सीडेंटल डैमेज की भरपाई सामान्य मोटर इंश्योरेंस कवरेज के तहत नहीं होती है. आइए, जानते हैं कार इंश्योरेंस में शामिल नहीं होने वाले उन खर्च के बारे में जिसका भार आपको उठाना पड़ सकता है. आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी कॉन्सिक्वेंशियल लॉस के लिए भुगतान नहीं करेगी, जो दुर्घटना में हानि के कवरेज के बाद अनिश्चित रूप से होता है. इसे आप यूं समझ सकते हैं, ऐसी खराबी जो दुर्घटना से प्रत्यक्ष रूप से नहीं जुड़ी हो.
कानून के तहत कवर नहीं - Not covered under the law
मान लीजिए कि किसी दुर्घटना के कारण आपकी कार के इंजन से तेल का रिसाव होने लगता है. तेल रिसाव बंद करने यानी मरम्मत की लागत इंश्योरेंस कंपनी कवर करेगी. अब मान लीजिए उस तेल रिसाव के कारण कुछ दिनों के बाद इंजन खराब हो जाए, तो इसे कॉन्सिक्वेंशियल लॉस माना जाएगा. इंश्योरेंस कंपनी इसे कवर नहीं करती है. इंश्योरेंस कवरेज कानून के तहत, इंश्योंरेंस कंपनी कॉन्सिक्वेंशियल डैमेज का कवरेज नहीं करती है.
ऐसे बोनट टूटे, तो आपकी जेब होगी ढीली - If such a bonnet is broken, your pocket will be loose.
एडलवाइस जनरल इंश्योरेंस की चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर पूजा यादव ने कहा, “अगर कोई इंश्योर्ड गाड़ी हाईवे पर दुर्घटना का शिकार हो जाती है, तो उसे नजदीकी स्टोरेज में ले जाना चाहिए. टो करने के दौरान बोनट टूट सकता है. इस तरह के नुकसान की भरपाई नहीं होती है क्योंकि यह गैर एक्सीडेंटल मामला है.” उनका कहना है कि कॉन्सिक्वेंशियल डैमेज के लिए कई तत्व जिम्मेदार हो सकते हैं. यहां तक कि आधी-तूफान में आपकी कार पर पेड़ गिर सकता है, जिसकी भरपाई नहीं होगी.
सही बीमा पॉलिसी का चयन जरूरी - It is necessary to choose the right insurance policy -
पूजा यादव के मुताबिक, जलवायु में अचानक परिवर्तन, यहां तक कि पैदल चलने वाले लोगों के अचानक रोड क्रॉस करने आदि से भी यह नुकसान हो सकता है. ऐसे नुकसान की भरपाई इंश्योरेंस कंपनियां नहीं करती हैं. हालांकि, इंश्योरेंस कवर में इन चीजों को शामिल कर सही बीमा पॉलिसी ली जाए, तो आप बहुत हद तक आर्थिक नुकसान से बच सकते हैं.
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